नोएडा प्राधिकरण बोर्ड बैठक में न्यू नोएडा और स्पोर्ट्स सिटी पर बड़े फैसले

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-ड्रेनों की सफाई से लेकर रुकी रियल एस्टेट परियोजनाओं तक अहम निर्णय

NOIDA NEWS: नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक शनिवार को सेक्टर-6 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन के सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त उप्र एवं नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की। बैठक में नोएडा के सीईओ लोकेश एम, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में न्यू नोएडा और स्पोर्ट्स सिटी जैसी भविष्य की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। उद्देश्य संपत्ति आवंटन, विकास कार्यों और नीतिगत प्रक्रियाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करना रहा। इसके साथ ही यूनिफाइड पॉलिसी में संशोधन, छोटे व्यावसायिक भूखंडों के आवंटन नियमों में बदलाव, न्यायालय के आदेशों से जुड़े प्रस्ताव और नई आवासीय योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इस दौरान नोएडा के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने हेतु स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली या आईआईटी रुड़की से प्रस्तुति लेकर सलाहकार संस्था के चयन को बोर्ड ने मंजूरी दी।
नोएडा में आवासीय सहकारी समितियों में जीपीए के आधार पर कई बार फ्लैट बेचे और खरीदे गए। लेकिन प्राधिकरण से उन फ्लैटों की लीज डीड अब तक नहीं हो सकी। इससे प्राधिकरण को लगातार राजस्व का नुकसान हो रहा है। 10 दिसंबर 2024 को एयर फोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड की ओर से 729 फ्लैट की एक सूची दी गई। जिसमें मूल आवंटी ने बिना लीज डीड कराए फ्लैट बेच दिए। इनकी लीज डीड किसी आधार और शर्त पर की जाए इसके लिए प्राधिकरण बोर्ड ने आठ सदस्यों की एक समिति बना दी है। इस समिति में अपर एसीईओ ग्रुप हाउसिंग को अध्यक्ष बनाया गया। मुख्य विधि सलाहका, वित्त नियंत्रक, विशेष कार्य अधिकारी ग्रुप हाउसिंग, एआईजी स्टांप, जीएम नियोजन महाप्रबंधक सिविल प्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक ग्रुप हाउसिंग शामिल है।
ड्रेनो में लगेगा एसटीपी: प्राधिकरण क्षेत्र में विभिन्न ड्रेनों के सुधार एवं सीवरेज पानी को ट्रीट करने के लिए एसटीपी प्लांट लगाए जाने है। ड्रेनों के आसपास उपलब्ध जमीन पर इन प्लांट को लगाया जाए। साथ ही ये प्लांट नई टेक्नोलॉजी और कम खर्चीले हो। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जारी किया जाए। चयनित होने वाली कंपनी एसटीपी लगाएगी साथ ही उसका पांच साल तक संचालन करेगी।
नोएडा में हाइराइज सोसाइटी: किसान कोटे से संबंधित भूखंडों का आवंटन 1976 से अप्रैल 1997 तक नोएडा प्राधिकरण ने जिन किसानों की जमीन अधिगृहीत की। उनके लिए किसान कोटे से आवासीय भूखण्ड योजना 2011-(1) निकाली गई। जिसमें 644 भूखंडों का आवंटन ड्रा के जरिए किया गया। जबकि आवेदकों की संख्या 2901 थी। ये आवंटन 2021 में किया गया। अब भी 588 आवेदकों के बीच 66 भूखंडों का आवंटन बचा है। ये आवंटन ड्रा के जरिए कराए जाए। इसके लिए नोएडा, ग्रेटरनोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के एसीईओ स्तर की एक समिति का गठन किया गया।
सिटी लॉजिस्टक प्लान के लिए तैयार: नोएडा में सिटी लॉजिस्टिक प्लान बनाया जाना है। ताकि कंपनियों तक पहुंचने वाले ट्रक बिना जाम के यहां पहुंच सके। इसके लिए एसपीए ( स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट) नई दिल्ली व आईआईटी, रुड़की ने प्रजेंटेशन कराया गया। प्रजेंटेशन के आधार पर किसी एक कंपनी का चयन करने को कहा गया। ताकि प्लान तैयार कर उसे लागू किया जा सके।
458 बायर्स की रजिस्ट्री का रास्ता साफ: सेक्टर-150 स्थित एससी-02 में बने प्रोजेक्ट में छह टावर (ए-1, ए-2, बी-1, बी-2 , बी-3 व सी-1) गोदरेज ब्रिक राइस के लिए अधिभोग प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। ये निर्णय प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में लिया। हालांकि प्राधिकरण ने इसके लिए बिल्डर पर कई शर्त भी लगाई है। ये शर्त ब्रोशर के अनुसार निर्माण, सुरक्षा , स्पोर्टस एक्टिविटी, एनजीटी के नियम और टाइम एक्सटेंशन जैसी करीब 20 से ज्यादा शर्त है। इसके अलावा स्पोर्टस सिटी एससी-02 सेक्टर-150 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कार्यवाही करने के बोर्ड द्वारा निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान निर्देश देते आईडीसी: यूनीफाइड पॉलिसी में संशोधन तीनों प्राधिकरण में कामर्शियल, संस्थागत और इंडस्ट्री में आवंटन की प्रक्रिया को एक सामान बनाने के लिए यूनीफाइड रेगुलेशन 2025 को लाया गया। जिसमें कुछ आंशिक संशोधन किया जाना है। इस संशोधन को लेकर बोर्ड तैयार है। संशोधन के बाद पॉलिसी को लागू कर दिया जाएगा।
बिल्डर ने जमा किए 872 करोड़: अमिताभ कांत की सिफारिश के तहत 57 परियोजनाओं में से 31 दिसंबर 2025 तक 36 परियोजनाओं ने इसका लाभ लिया। जो कि कुल डेवलपर्स का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें 4 ऐसी परियोजनाएं है जिनके द्वारा अपनी सहमति के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। 11 ऐसे डेवलपर है जिनके द्वारा 25 प्रतिशत धनराशि के सापेक्ष आंशिक धनराशि जमा करायी गयी एवं 36 ऐसे डेवलपर है जिनके द्वारा 25 प्रतिशत धनराशि जमा कराए जाने के बाद कोई भी भुगतान नहीं किया गया। कुल 872.12 करोड़ की धनराशि प्राधिकरण में जमा कराई गई। जिससे 6855 फ्लैट बायर्स के पक्ष में रजिस्ट्री हो सकती है। अब तक 4134 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री की जा चुकी हैं। बोर्ड ने रजिस्ट्री कराने का निर्देश दिया।