अवैध संबंध के शक में की गई हत्या

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-एक ने पकड़ा हाथ, दूसरे दबाया गला, तीसरे ने शव ठिकाने लगाने में की मदद

NOIDA NEWS: थाना सेक्टर-126 पुलिस ने एक व्यक्ति की हत्या के मामले में दो लोगों के साथ लाश को छिपाने में मदद करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। घटना के 24 घंटे के अंदर आरोपियों में राम वचन मांझी और साजन मांझी उर्फ सज्जन मांझी को असगरपुर से रायपुर जाने वाले पुश्ता रोड पर गिरफ्तार किया गया। इन दोनों ने अजय की हत्या की। दोनों से अजय का मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड बरामद किया गया। शव को छिपाने में साजन और रामवचन की मदद करने वाले अशोक को रायपुर पुश्ता से गिरफ्तार किया गया। ये हत्या अवैध संबंध के चलते की गई थी। थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में एक जनवरी को एक शव मिला। जांच में सामने आया कि शव अजय का है। अजय की पत्नी रजनी ने थाना सेक्टर-126 में शिकायत दी। पुलिस ने टीम का गठन किया और गिरफ्तारी की गई।
डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि मृतक अजय राम वचन का रिश्ते में साढू था। दोनों परिवार के साथ सेक्टर-126 में अगल-बगल झुग्गी में रहते है। पारिवारिक रिश्तों के कारण दोनों का एक दूसरे के घर आना जाना था। रामवचन को जानकारी मिली कि अजय उसकी पत्नी कंचन के साथ अवैध संबंध बनाना चाहता है।
रामवचन और अजय के बीच इस बात को लेकर विवाद हुआ। इससे पहले भी कई रामवचन अजय को समझा चुका है। लेकिन वो नहीं मान रहा था। डीसीपी ने बताया कि 20 से 25 दिन पहले भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
28 दिसंबर को शराब पीने के बहाने बुलाया: राम वचन ये बात अपने दूसरे सगे साढ़ू साजन को बताई। दोनों ने मिलकर अजय को मारने का प्लान बना लिया। 28 दिसंबर को साजन ने अजय को शराब पीने के बहाने रायपुर क्षेत्र में बुला लिया। यहां से साजन अजय को असगरपुर गांव ले गया। वहां रामवचन भी आ गया। यहां दोनों ने अजय को बहुत शराब पिलाई।
पुश्ता ले जाकर किया मर्डर: नशे की हालत में अजय को ई रिक्शा से असगरपुर पुश्ता में ले गए। यहां सुनसान इलाके में दोनों ने मिलकर अजय के साथ मारपीट की। मारपीट के बाद भी अजय ने अपनी गलती नहीं मानी। जिसके बाद साजन ने अजय के हाथ पकड़े और रामवचन ने उसका गला और मुंह दबा दिया। जिससे उसके मौत हो गई। इसके बाद शव को मिट्टी में छिपाकर अपने घर चले गए।
प्लास्टिक के बैग में शव छिपाया: अगले दिन शव को ठिकाने लगाने के लिए तीसरे साथ अशोक की मदद मांगी। तीनों ने शव को प्लास्टिक के कट्टे में बांधकर ई रिक्शा के जरिए घोड़ा फार्म/जिंदल फार्म के सामने पुश्ता रोड के किनारे बने गहरे नाले में फेंक दिया। ताकि शव का पता न चल सके। शक न हो इसके लिए अजय की तलाश की दिखावा भी किया।