स्क्रैप माफिया रवि काना की 92.65 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 29 मुकदमों का है आरोपी

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NOIDA NEWS: पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने स्क्रैप माफिया रवि नागर उर्फ रवि काना के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी करीब 92 करोड़ 65 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार रवि काना एक संगठित गिरोह का सरगना है, जो कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में गैंग संख्या डी-190 के रूप में पंजीकृत है। गिरोह में कुल 18 सदस्य हैं। आरोप है कि यह गैंग नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और दिल्ली-एनसीआर में स्क्रैप व सरिया कारोबारियों को डराकर लूट, चोरी और वसूली जैसी घटनाओं को अंजाम देता था।
कंपनियों के नाम पर बनाई अवैध संपत्ति
पुलिस जांच में सामने आया कि रवि काना ने अवैध कमाई को छिपाने के लिए अपने और परिजनों के नाम पर कई कंपनियां और फर्म खड़ी कीं। इनमें प्राइम प्रेसिंग टूल्स प्राइवेट लिमिटेड, न्यू कृष्णा स्टील, एस्कोन एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, हनुमत मेटल्स, अकीरा स्टेट्स और जेएसआर रोड लाइन्स शामिल हैं। इन्हीं कंपनियों के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित की गई।
कई चरणों में हुई कुर्की
माननीय न्यायालय के आदेश पर फरवरी से नवंबर 2024 के बीच कई चरणों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने औद्योगिक भूखंड, जमीन, बैंक खातों में जमा रकम और दर्जनों व्यावसायिक वाहनों को कुर्क किया। इनमें बुलंदशहर के सिकंदराबाद में करीब 18 हजार वर्गमीटर जमीन, ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र में दो बड़े प्लॉट और 30 से अधिक भारी वाहन शामिल हैं।
29 मुकदमे, गैंग पर 131 केस
रवि काना के खिलाफ हत्या, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, धोखाधड़ी, वसूली और संगठित अपराध समेत कुल 29 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं उसके गैंग के सदस्यों पर कुल 131 आपराधिक मामले पंजीकृत हैं।
जमानत की शर्तें तोड़कर विदेश भागा
पुलिस के मुताबिक रवि काना ने एक मामले में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बावजूद शर्तों का उल्लंघन किया। पासपोर्ट जमा न कर जनवरी 2024 में विदेश चला गया। इसके बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया। अप्रैल 2024 में उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और माफियाओं के खिलाफ आगे भी ऐसी ही कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।