-नौकरी का झांसा देकर खातों से रकम निकालते थे
NOIDA NEWS: नोएडा के सेक्टर-63 थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शनिवार को इस गिरोह से जुड़े तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से ठगी गई रकम निकालने के लिए करते थे। पुलिस अब इनके फरार साथियों की तलाश कर रही है।
सेंट्रल नोएडा जोन के एडीसीपी संतोष कुमार मिश्रा ने इस बताया कि पुलिस को एक रैपिडो चालक से सूचना मिली थी। चालक ने बताया कि कुछ युवक उसके खाते में पैसे मंगवाकर डेबिट कार्ड के जरिए निकलवा लेते हैं। इससे पहले उसके खाते से 95 हजार रुपए निकाले जा चुके थे और अब 60 हजार रुपए और आए थे। इस सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने सेक्टर-63 स्थित डी पार्क से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वाराणसी के सिसवां गांव निवासी आयुष पांडेय, प्रियांशु श्रीवास्तव और दादरी के चटेड़ा गांव निवासी शिवम के रूप में हुई है। आयुष और प्रियांशु 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं, जबकि शिवम ने 10वीं कक्षा पास की है। पुलिस ने इनके कब्जे से पांच लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, दो डेबिट कार्ड, 14,500 रुपए नकद और एक कार बरामद की है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने काम करने का तरीका बताया। वे मोहल्लों में घूमकर बेरोजगार युवाओं से संपर्क करते थे। उन्हें नौकरी और अच्छी कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। युवाओं का विश्वास जीतने के बाद, वे उनके मोबाइल फोन और डेबिट कार्ड का उपयोग करके फर्जी यूपीआई आईडी बनाते थे। फिर, साइबर ठगी से प्राप्त रकम इन खातों में मंगवाकर निकाल लेते थे और बदले में युवाओं को केवल 1,000 से 1,500 रुपए देते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप से कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि महाराष्ट्र की एक महिला से 8.50 लाख रुपए की ठगी की गई थी। यह ठगी गई रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।




