बेटिंग ऐप से 500 लोगों को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़

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NOIDA NEWS: सेक्टर-113 थाने की पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए 500 से अधिक लोगों को ठगने वाले गिरोह का गुरुवार को पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को सेक्टर-79 स्थित सोसाइटी से पकड़ा गया। आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, पांच डेबिड कार्ड, दो पैन कार्ड, तीन वाई-फाई राउटर बरामद हुए। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि शहर में एक गिरोह पिछले कुछ समय से सक्रिय है। गिरोह के लोग ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिये लोगों से ठगी करते हैं।
सूचना को पुख्ता कर सर्विलांस की मदद से टीम ने गुरुवार को सेक्टर-79 स्थित सोसाइटी में छापेमारी की। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तेलंगाना हैदराबाद के साई कुमार, आंध्र प्रदेश के कुमुदबल्ली गांव निवासी पंडाला सतीश, आंध्र प्रदेश के भीमा वरम गांव निवासी पांडुरंगा और गुंटूर के गाजुला पालम निवासी उदय कुमार के रूप में हुई।जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन चलाकर लोगों को रुपये दोगुने करने का लालच देते और ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट व उससे जुड़े एप के माध्यम से उन्हें ठगी का शिकार बनाते। बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच में लक्ष्मी ट्रेडर्स नामक बैंक खाते के जरिए करीब 2.4 करोड़ रुपये के संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन के साक्ष्य मिले। साथ ही, विभिन्न व्यक्तियों के साथ साइबर ठगी किए जाने के भी संकेत मिले। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
गिरोह का सरगना हैदराबाद में बैठा
पुलिस का कहना है कि गिरोह का सरगना हैदराबाद का रहने वाला है। वह किसी गुप्त स्थान पर है। गिरफ्तार हुए चोरों आरोपी लगातार उसके संपर्क में थे। वह चारों आरोपियों को हैदराबाद में बैठकर ही लोगों से ठगी करने के बारे में जानकारी देता था। गिरफ्त में आए आरोपियों से मिले सुराग और सर्विलांस की मदद से पुलिस गिरोह के सरगना तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
बीते तीन माह से नोएडा में सक्रिय थे
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह पिछले तीन माह से नोएडा में ठहरे हुए थे। इसके लिए उन्होंने से सेक्टर-79 स्थित नामी सोसाइटी में करीब 40 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर फ्लैट लिया था। चारों आरोपी अक्सर फ्लैट में ही रहते थे। कभी-कभार ही फ्लैट से बाहर निकलते थे। खाना भी ऑनलाइन ही ऑर्डर करके मंगवाते थे।
चारों आरोपी 10वीं और 12वीं पास
पूछताछ में पुलिस को आरोपियों ने बताया कि करीब पांच माह पूर्व वह गिरोह के सरगना के संपर्क में आए थे। वह महज 10वीं और 12वीं पास हैं। जल्द अमीर बनने और शौक पूरा करने की चाह में लोगों से ठगी करने लगे। साई कुमार 10वीं, पंडाला 12वीं, पांडुरंगा 10वीं और उदयकुमार 12वीं पास है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा-111, 318(4) तथा आईटी ऐक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मोबाइल-लैपटॉप से कई अहम सुराग मिलेंगे
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास से बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन का डाटा रिकवर कराया जाएगा। उससे पता चल सकेगा कि आरोपियों ने किन-किन लोगों को कितने रुपये से ठगी की है। साथ ही, यह भी पता चल सकेगा कि इस धोखाधड़ी के काम में आरोपियों के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे ताकि उन्हें भी कार्रवाई के दायरे में लाया जा सके।