NOIDA NEWS: गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना फेस-1 पुलिस ने “ऑपरेशन Cy-Vajra” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-6 और सेक्टर-2 में संचालित दो फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने और इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई। इनमें 19 खातों को रेड जोन के रूप में चिह्नित किया गया। करीब 2500 मोबाइल नंबरों और एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के विश्लेषण के बाद दोनों फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा हुआ।
बीमा पॉलिसी के नाम पर करते थे ठगी- पुलिस ने सेक्टर-6 स्थित जी-13 से संचालित कॉल सेंटर पर छापेमारी कर तनुज कुमार गोयल और पंकज को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त एक लैपटॉप, तीन की-पैड मोबाइल, एक स्मार्टफोन, 17 एटीएम कार्ड और एक चेकबुक बरामद हुई। इस संबंध में थाना फेस-1 में मुकदमा संख्या 363/2026 दर्ज किया गया है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कम ब्याज पर ऋण दिलाने, लैप्स एलआईसी पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने, बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने, अधिक क्लेम दिलाने और क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। ठगी की रकम परिचितों के बैंक खातों में मंगाकर उनके एटीएम कार्ड अपने पास रखते थे। वारदात के बाद मोबाइल, सिम कार्ड और डिजिटल साक्ष्य नष्ट कर देते थे। इस गिरोह के खिलाफ विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हैं।
इंडिगो में नौकरी का झांसा देकर वसूलते थे प्रोसेसिंग फीस- दूसरी कार्रवाई में सेक्टर-2 स्थित बी-61 में संचालित कॉल सेंटर से मोहित कुमार और आदेश यादव को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से दो कंप्यूटर, पांच की-पैड मोबाइल, तीन स्मार्टफोन, एक पेनड्राइव और पांच सिम कार्ड बरामद किए गए। इस मामले में थाना फेस-1 में मुकदमा संख्या 364/2026 दर्ज किया गया है।
जांच में पता चला कि आरोपी विभिन्न वेबसाइटों से नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाकर उन्हें इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेजकर रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये की ठगी की जाती थी। ठगी के बाद सिम कार्ड नष्ट कर दिए जाते थे और दूसरे लोगों के नाम पर ली गई नई सिम का इस्तेमाल किया जाता था। इस गिरोह के खिलाफ भी विभिन्न राज्यों से 15 से अधिक शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज हैं।
एडीसीपी ने बताया कि दोनों मामलों में बरामद डिजिटल उपकरणों और बैंक खातों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा है। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।



