नोएडा प्राधिकरण नागरिकों को नहीं देना चाहता नौकरी: नोवरा

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NOIDA NEWS: शहर को चलाने की जि़म्मेदारी लिए नॉएडा प्राधिकरण दशकों से आम जनता के लिए यहाँ के ग्रामीणों के लिए प्राधिकरण में नौकरी दिलवाने में विफल रहा है , एक आरटीआई के जवाब में जो नोवरा अध्यक्ष रंजन तोमर ने प्राधिकरण में लगाई थी, के जवाब में अपनी असफलता स्वयं गिनवा दी है। तोमर ने पूछा था की नॉएडा प्राधिकरण में कितने पद खाली हैं और अंतिम बार कब नॉएडा प्राधिकरण द्वारा खुले चयन हेतु नौकरियां निकाली थी और उनमें कितने लोगों का चयन हुआ था, जिसके जवाब में प्राधिकरण कहता है की 2015 में प्राधिकरण में समूह ख, ग एवं घ के लिए 254 रिक्तियां घोषित की थी जिसके लिए विज्ञापन निकाला गया था। प्राधिकरण में संविदाकार के माध्यम से कार्यरत श्रमिकों द्वारा प्राधिकरण द्वारा विज्ञापित 254 पदों पर अपनी सेवा नियमित करने हेतु तथा चयन प्रक्रिया को निरस्त करने हेतु मा उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में वाद दायर किया गया। उच्च न्यायालय द्वारा पारित स्थगन आदेश होने के कारण भर्ती प्रक्रिया स्थगित की गयी थी। तदोपरांत प्राधिकरण बोर्ड की 194 वीं बैठक दिनांक 26 /04 /2018 के द्वारा संचालक मंडल द्वारा प्राधिकरण की वर्ष 2015 में प्रारम्भ की गई भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया।
खुले चयन से होता होनहारों का चयन, ग्रामीणों को भी मिलते अधिकार: नॉएडा प्राधिकरण के कामों को करने का स्टाइल एक रहस्य की तरह है, संविदाकारों के वाद पर मात्र स्थगन आदेश आया था , जिसके बाद प्राधिकरण ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही निरस्त कर दिया, जिसकी तब तक कोई आवश्यकता ही नहीं थी , ऐसा लगता है प्राधिकरण ने इसमें कोई मिलीभगत की हो और वह चाहता ही नहीं था के नयी चयन प्रक्रिया आये, उसके बाद भी आज 8 साल बाद भी कोई नयी नौकरी नॉएडा प्राधिकरण द्वारा नहीं जारी की गई है, खुले चयन से होनहारों का चयन होता, कम्पटीशन के माध्यम से ज़्यादा लायक लोग नौकरी के लिए आते , नोवरा की मांग के अनुसार और प्राधिकरण की लिखित नीतियों के अनुसार कुछ प्रतिशत नौकरी नॉएडा के उन किसान पुत्रों को भी मिलती जिन्होंने नॉएडा को अपनी ज़मीनें कौडिय़ों के दाम दे दी, लेकिन नॉएडा प्राधिकरण यह चाहता ही नहीं है, दशकों से नॉएडा ने कोई नौकरी नहीं निकाली है जबकि पिछले दस बारह सालों में नॉएडा का आकर और जि़म्मेदारियाँ बेतहाशा बढ़ गई हैं, इसका अर्थ यह ही निकलता है के नॉएडा प्राधिकरण की न नियत सही है न नियति।
मुख्यमंत्री तक करेंगे शिकायत: नोवरा उपाध्यक्ष अजय चौहान ने कहा की इस बाबत संस्था अपने अधिकारों की बात मुख्यमंत्री महोदय तक पहुंचाएंगे, इसके साथ ही स्थानीय विधायक, सीईओ से भी मांग रखी जाएगी के चयन प्रक्रिया फिरसे शुरू की जाए।