NOIDA NEWS: झारखंड के गिरिडीह जिले में स्तिथ सबसे ऊँचे ‘पारसनाथ पर्वतराज’ सर्वोच्च जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी से 24 जैन तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया था, जिसका कण-कण जैन समाज के लिये पूजनीय है। पर्वतराज प्रवेशद्वार पर सामान जांच, यात्री पंजीकरण एवं पर्वतराज पर सीसीटीवी कैमरे व सुरक्षा व्यवस्था ना होने के कारण फिल्मी गानों पर अश्लील विडियो बनाएं जाने, नशा करने, बाइक संचालन आदि अन्य गैर धार्मिक गतिविधियों के कारण पर्वतराज की पवित्रता और पर्यावरण को नष्ट किया जा रहा है, जिससे सकल जैन समाज में दुख व्यापत है।
गुरुवार को नोएडा मीडिया क्लब में विश्व जैन संगठन द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के अध्यक्ष संजय जैन ने केंद्रीय वन मंत्रालय और झारखण्ड सरकार से पर्वतराज की पवित्रता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्वतराज प्रवेशद्वार पर यात्रियों का पंजीकरण, स्कैनर व बैरियर सहित सामान जांच चेक पोस्ट बनाने, सीसीटीवी कैमरे लगाने, वंदना मार्ग को अवैध अतिक्रमण मुक्त कराने और बाइक संचालन, किसी भी प्रकार का नशा करने, प्लास्टिक सामग्री उपयोग एवं फिल्मी गानों पर विडियो रील बनाने पर प्रतिबंध की मांग की।
संजय जैन ने दु:ख प्रकट करते हुए कहा कि पर्वतराज की पवित्रता बनाए रखने हेतु जारी मांगो पर सोशल मीडिया में भ्रामक जानकारी प्रेषित की जा रही है और अनावश्यक विवाद पैदा करने का दुखद प्रयास किया जा रहा है जबकि मधुवन के स्थानीय समाज, संस्था, नेता या किसी पार्टी विशेष के विरुद्ध कोई भी ना तो ब्यान दिया गया और ना ही कोई मांग की गयी है, जिसके स्पष्टीकरण के लिए विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया है।
संगठन के महामंत्री राहुल जैन, राष्ट्रीय मंत्री अनुज जैन एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आकाश जैन ने बताया कि प्राचीन जैन शास्त्रों, केंद्र व राज्य सरकारों, पुरातत्व विभाग, झारखंड सरकार एवं केन्द्रीय वन मंत्रालय द्वारा श्री सम्मेद शिखर जी पारसनाथ पर्वतराज को जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों और अनंत संतो की सर्वोच्च और पवित्र मोक्षस्थल मानकर सम्मान दिया है जिसकी पवित्रता बनाये रखना हम सबकी जिम्मेबारी है।
संगठन की नोएडा शाखा अध्यक्ष के. के. जैन, सम्मानित सदस्य विरेन्द्र जैन व अभिषेक जैन, संगठन की युवा प्रकोष्ठ महामंत्री सागर जैन, नोएडा सेक्टर 27 जैन मंदिर प्रधान पवन कुमार जैन, सेक्टर 50 जैन मंदिर प्रधान प्रदीप चंद्र जैन, सीए विपुल जैन, लक्ष्मी नगर शाखा अध्यक्ष अतुल जैन एडवोकेट एवं अन्य जैन संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं समाज के गणमान्यों ने कहा कि पर्वतराज की पवित्रता के साथ पर्यावरण नष्ट करना दुखद एवं चिंतनीय है, जैन समाज कभी भी किसी भी धर्म, संस्कृति का विरोध नही करता और ऐसे ही सबसे उनके तीर्थराज की पवित्रता बनाये रखने की सबसे आशा करता है।






