बसपा के दो बार विधायक सतवीर गुर्जर ने भाजपा का दामन थामा

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नोएडा। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को अपने पैतृक जिले गौतमबुद्ध नगर में तगड़ा झटका लगा है। उनके सबसे करीबी माने जाने वाले दादरी से दो बार विधायक रहे सतवीर गुर्जर ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। सतवीर गुर्जर ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के सामने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। इतना ही नहीं जेवर विधानसभा सीट से पिछला चुनाव लडऩे वाले नरेंद्र डाढ़ा भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। नरेंद्र की पहचान बसपा में युवा नेता के तौर पर होती थी।
सतवीर गुर्जर मूल रूप से नोएडा में बरौला के रहने वाले हैं। सतवीर गुर्जर को बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती का बेहद करीबी माना जाता रहा है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें मायावती ने वर्ष 2007 में दादरी विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था। आपको बता दें कि दादरी विधानसभा सीट पर ही मायावती का गांव बादलपुर है। एक तरह से यह बसपा सुप्रीमो मायावती की गृह सीट है। उस चुनाव में सतवीर गुर्जर ने भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज गुर्जर नेता और पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर को पराजित किया था। विधानसभा चुनाव 2007 के बाद उत्तर प्रदेश में मायावती की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी, जिसमें सतवीर गुर्जर का बड़ा कद था। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर सतवीर गुर्जर और नवाब सिंह नागर का आमना-सामना हुआ। जिसमें नवाब सिंह नागर को दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा था। वहीं नरेंद्र ने भी बहुजन समाज पार्टी छोडकऱ भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। नरेंद्र ने पिछला विधानसभा चुनाव जेवर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर लड़ा था। वह 45,256 वोट हासिल करके तीसरे नंबर पर रहे थे। सही मायनों में नरेंद्र डाढ़ा सपा-रालोद गठबंधन के उम्मीदवार अवतार सिंह भड़ाना की हार का कारण बने थे।