ठंड में घुटनों और कमर दर्द को न करें नजरअंदाज

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Noida: बढ़ती सर्दी के कारण गलत पोजीशन में उठने, बैठने और लेटने के कारण शरीर में अकड़न, मांसपेशियों, पीठ, कमर, हाथ-पैर या शरीर में दर्द की तकलीफ बढ़ गई है। बच्‍चों को छोड़ दें तो हर दूसरा व्‍यक्ति सर्दी में किसी न किसी दर्द से जूझता है। फेलिक्स अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. केशव गोयल ने बताया कि सर्दी में जैसे ही तापमान गिरता है तो शरीर की ब्‍ल्‍ड वैसेल्‍स यानि रक्‍त वाहनियां और मसल्‍स सिकुड़ने लगती हैं। इससे खून का आवागमन धीमा हो जाता है। यह जोड़ों के मूवमेंट को भी बाधित करने का काम करती हैं। लिहाजा इस मौसम में जोड़ों में दर्द होता है। ठंड के मौसम में शरीर में दर्द की परेशानियां एक उम्र के बाद ज्‍यादा परेशान कर रही है। लाइफस्‍टाइल में हुए बदलावों से युवाओं में भी 30 की उम्र के बाद ही ये दिक्‍कतें हो रही हैं लेकिन 40 के बाद इसका दायरा ज्‍यादा बढ़ रहा है। इस उम्र के लोगों को शरीर में कहीं न कहीं दर्द की शिकायतें हो रही हैं। जोड़ों का दर्द तब जाकर खतरनाक हो जाता है, जब यह गठिया का रूप ले ले। इसलिए जरूरी है कि दर्द को नजरअंदाज न करें। पीठ या कमर के दर्द को भी हल्‍के में न लें। हाथ-पैरों में दर्द के साथ सूजन भी है तो यह गंभीर समस्‍या हो सकती है, जिसके इलाज में भी लंबा वक्‍त लग सकता है। कई बार देखा गया है कि अगर दर्द का इलाज नहीं कराया जाता तो जोड़ों में या शरीर में अंगों में टेढ़ेपन की समस्‍या पैदा हो जाती है। ऐसे में इसको लेकर लापरवाही न की जाए। जो लोग धूम्रपान का सेवन करते हैं। उनमें बैक पेन की समस्‍या ज्‍यादा होती है। धूम्रपान के कारण तेज खांसी आती है, खांसी आने से हर्नियेटेड डिस्क पर जोर पड़ता है और कमर में दर्द उठ सकता है। धूम्रपान के कारण स्‍पाइन में ब्‍लड फ्लो कम हो सकता है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। ज्यादातर ऐसे लोग जो तनाव का श‍िकार होते हैं। उनमें एंग्‍जाइटी या ड‍िप्रेशन के लक्षणों से घ‍िरे रहते हैं, उनमें कमर दर्द या बैक पेन होने की आंशका ज्‍यादा होती है। तनाव बढ़ने के कारण मसल्‍स टेंशन बढ़ सकती है। जो लोग पूरे द‍िन ऑफ‍िस में बैठकर काम करते हैं, उनमें कमर दर्द होने का खतरा बढ़ जाता है। इसका एक कारण पोज‍िशन का न बदलना हो सकता है। बैठे-बैठे काम करने के बजाय समय-समय पर ब्रेक लें। रोजाना कसरत करें। इससे मसल्‍स में लचीलापन बना रहेगा। काम के दौरान लंबी सिटिंग में कई बार ब्रेक लें। कुर्सी से उठें और थोड़ा सा घूमें। इस दौरान लोग शरीर को स्‍ट्रेच करें।जिससे शरीर में मूवमेंट हो और ब्‍लड सर्कुलेशन ठीक रहे। सर्दी में सुबह के समय पीठ या कमर में दर्द सबसे ज्‍यादा होता है या एड़‍ियों में दर्द होता है, उसमें फायदा मिलता है। रात को कोशिश करें कि थोड़ी देर करीब 15 मिनट गर्म पानी में पैर रखें। इससे पैरों को ही नहीं पूरे शरीर को आराम मिलेगा। रात में खट्टा और ज्‍यादा भारी भोजन जैसे राजमा या कढी आदि न खाएं। सुबह धूप की पहली किरण में बैठना भी फायदेमंद होगा।

कमर दर्द से बचाव के तरीके
-ज्‍यादा समय झुककर काम करने से बचें।
-कमर दर्द से बचने के ल‍िए रोजाना 40 से 50 म‍िनट कसरत करें।
-पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करें और पोषक तत्‍व जैसे कैल्‍श‍ियम का सेवन करें।
-कमर को आराम देने वाली कुर्सी का चयन करें। झुककर न बैठें और समय-समय पर पोज‍ीशन बदलें।