सनातन ही शाश्वत है, नित्य है, था है और रहेगा: गोपाल कृष्ण अग्रवाल

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NOIDA NEWS: सनातन शब्द का शाब्दिक अर्थ ही शाश्वत है अर्थात् वह जो हमेशा से है, हमेशा के लिए है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने शाश्वत एवं सनातन की विस्तृत परिभाषा की है। यह बाते भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने आय दिन असामाजिक तत्वों द्वारा सनातन धर्म पर हो रही निंदनीय टिप्पणीयों पर कही।
उन्होंने कहा कि जो न तो कभी नया कहलाता है। न ही कभी पुराना होगा। न ही इसकी शुरुआत है। न ही इसका अंत है। वही सनातन है, शाश्वत है। जो सनातन की परिभाषा श्रीकृष्ण के मुख से निकली हो, हम उसे कैसे नकार सकते हैं। देश की प्रथम सभ्यता सिंधु घाटी सभ्यता से सनातन धर्म के साक्ष्य मिलते हैं। खुदाई में निकली पशुपतिनाथ की मूर्ति यह बताती है कि सदियों से हमारे पूर्वज सनातन धर्म के अनुयायी रहे हैं। प्रत्यक्ष को प्रमाण की वैसे तो आवश्यकता नहीं होती है लेकिन लोगों का अंधकार समाप्त हो, इस उद्देश्य से हमें प्रमाण भी मिले हैं। पर बीते दिनों सिर्फ अपना राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए ही पार्टियां इस भ्रामक चादर को अपने सिर पर ओढ़कर घूम रही हैं।
स्टेलिन का सनातन को कोढ़ व एचआईवी बताना, बिहार के शिक्षा मंत्री का रामचरितमानस को कूड़ा-कचरा कहना, पोटेशियम साइनाइड से पवित्र ग्रंथ की तुलना करना, राजद नेता का यह कहना कि सनातन धर्म महिलाओं के खिलाफ शिक्षा देता है, इन सभी बातों से सिर्फ यह स्पष्ट होता है कि यह इन नेताओं का दिवालियापन है, उनकी अज्ञानता का अंधकार है। ये सब वही नेता हैं, जो बचपन में कितनी ही बार अपने परिजनों का हाथ थामकर मंदिरों को गए हैं। स्टेलिन जिनकी माताजी स्वयं सनातन धर्म में आस्था रखती हैं, उनके द्वारा सनातन धर्म के लिए अनाप-शनाप कह देना यह बताता है कि वह आवश्यकता पडऩे पर अपने राजनीतिक हित साधने के लिए कितने घटिया स्तर तक जा सकते हैं।