फर्जी दस्तावेज तैयार एमबीबीएस के नाम पर ठगी करने वाले मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार

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Noida: थाना सेक्टर 63 पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी एमबीबीएस कालेज में दाखिला कराने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले 25-25 हजार के तीन इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 19 लाख रुपए कैश और बड़ी मात्रा में जुलरी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा विशाल पांडे ने बताया कि थाना सेक्टर 63 पुलिस ने सेक्टर-62 गोल चक्कर के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान मास्टरमाइंड नीरज कुमार सिंह उर्फ अजय अरुण पुत्र धनंजय सिंह निवासी बिहार, अभिषेक आनंद उर्फ सुनील पुत्र अजीत कुमार निवासी बिहार और जुबेर उर्फ रिजोल हक पुत्र शेर मोहम्मद निवासी हुई हुई है। इसमें नीरज पूरे खेल का मास्टरमाइंड है। ये एमबीए तक पढ़े हुए है। इन लोगों ने सेक्टर-63 में करियर जंकशन नाम से एक कंसल्टेंसी खोल रखी थी। जिसके जरिए ये लोग उन छात्रों का डाटा निकालते थे जो नीट में कुछ नंबरों से असफल हो जाते थे। इसके बाद उनसे संपर्क करते और उनको सरकारी कॉलेज में दाखिला दिलाने का झांसा देते थे। ये लोग उन छात्रों को संस्थान में बुलाते और उनकी काउंसिलिंग करते थे। बातों में फंसाने के बाद ये लोग कॉलेज में दाखिला कराने के लिए प्रति छात्र करीब 15 से 30 लाख रुपए नगद लेते थे। करीब 20 प्रतिशत पैसा ऑनलाइन जमा करवाते थे। कुछ डीलिंग ऑफिस में होती थी। इनके पास से 19 लाख रुपए नगद 6 पीली धातु चैन , 6 अंगूठी पीली धातु, 3 अंगूठी सफेद धातु ,एक ब्रेसलेट सफेद धातु, एक बाली पीली धातु, एक अदद ब्रेसलेट सफेद धातु , 6 मोबाइल एंड्रॉयड फोन , 14 फोन की पैड , 3 डायरी करियर जंकशन, एक पैन कार्ड ,चार ए.टी.एम , एक आधार कार्ड बरामद किया है।
कॉलेज के एडमिस्ट्रेशन के नाम पर वसलूते थे पैसा, होटलों में होती थी ढील: अधिकांश होटलों में या ऐसे शहर में होती थी जहां कॉलेज होते थे। वहां ये लोग होटल में छात्रों के परिजनों को कुछ लोगों से ये कहकर मिलाते थे कि ये कॉलेज के एडमिस्ट्रेशन के नाम से पैसे लेने के बाद इन लोगों ने छात्रों को फर्जी अलॉटमेंट लेटर जारी कर दिए। इनको पता था कि नीट के अनुसार 19 और 20 दिसंबर 2022 को कॉलेजों में दाखिला दिया जाएगा। ऐसे में इन लोगों ने 18 दिसंबर को जिन लोगों ने इनको पूरा पैसा दे दिया फर्जी अलॉटमेंट लेटर जारी किए। 19 की सुबह तक ऑफिस खाली कर फरार हो गए। जब लोगों को पता चला कि दिए गए लेटर फर्जी है तब उनको ठगी का पता चला।