चोरी करने वाले चार बदमाश गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा। थाना बिसरख पुलिस ने एक करोड़ से अधिक की चोरी की घटना का खुलासा करते हुए बुधवार रात चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान तीन बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए थे। वीरवार को इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए उन्होंने 700 सीसीटीपी फुटेज खंगाले, 200 संदिगधा लोगों से पूछताछ और 5 राज्यों में छापेमारी की गई। तब जाकर पुलिस आरोपियों को पकडऩे में कामयाब रही। आरोपियों द्वारा चोरी के पैसों से ही एक गाड़ी भी खरीदी गई थी। पुलिस ने वह भी बरामद कर ली है। इसके अलावा चोरी किए गए सोने चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य सामान बरामद किया।
थाना बिसरख क्षेत्र में 25 नवम्बर को अम्रपाली लेजर वैली सोसायटी में सिर्फ मीडिया फाइनेंसर के यहां पर दिनदहाड़े अज्ञात चोरों के द्वारा विला का ताला तोडकऱ नकदी और आभूषण चोरी कर दिए गए थे। इस दौरान चोर करीब एक करोड़ की चोरी करके फरार हो गए थे। इतनी बड़ी घटना होने के बाद पुलिस अधिकारी हरकत में आई और इस दौरान दो टीम इन चोरों को पकडऩे के लिए बनाई गई। जांच के दौरान पुलिस ने बुधवार रात तिजोरी चोरी करने वाले चार बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। जिनमें तीन बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पकड़े गए बदमाशों की पहचान राजन निवासी ग्राम बाबू छपरा थाना रामकोला कुशीनगर (घायल),राजीव तोमर निवासी नवादा थाना देहात जिला बुलन्दशहर(घायल), बन्टी निवासी भाईपुरा चौकी नई मंडी थाना देहात जिला बुलन्दशहर (घायल) और राहुल चौहान निवासी ग्राम जामुना थाना अतरौली जिला अलीगढ़ के रूप में हुई है। आरोपी राहुल वर्तमान में प्रेमनगर दिल्ली-86 में रह रहा था। सेन्ट्रल नोएडा जोन एडीसीपी साद मियां खां ने बताया कि इन चोरों को पकडऩे के लिए पुलिस ने 500 से 700 सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। दिल्ली से लेकर कुशीनगर तक इन बदमाशों की तलाश की गई और करीब 100 से 150 संदिग्धों से पूछताछ भी की गई। तब जाकर 4 लोगों के नाम प्रकाश में आए। पता चला कि इन चार लोगों के द्वारा यहां पर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है। बिसरख पुलिस ने बुधवार रात को मुठभेड़ के दौरान 3 बदमाशों को घायल अवस्था में जबकि एक को कॉम्बिंग के दौरान पकड़ा गया।
तिजोरी को काटकर राप्ती नदी में बहाया: सेंट्रल नोएडा एडीसीपी साद मिया खां ने बताया कि कुशीनगर से वापस आते समय आरोपियों तिजोरी को काटकर राप्ती नदी में बहा दिया था। तिजोरी के अंदर से निकली जूलरी को आपस में बांट लिया। चोरी किए गए रुपयों में से इन्होंने 6 लाख में एक्सयूवी महिंद्रा कार खरीद ली और बची हुई कुछ जूलरी को आईआईएफएल बैंक उत्तम नगर दिल्ली में गिरवी रख दिया और यह केश यह लोग फरारी के दौरान इस्तेमाल करते रहे।
पुलिस को पांच राज्यों में दौड़ाया: चोरी करने के बाद आरोपी बुलंदशहर, हरियाणा के रोहतक, दिल्ली, गुजरात के अहमदाबाद, राजस्थान के उदयपुर और जयपुर में होटल में रुककर फरारी काटते रहे। आरोपी लगातार जगह बदलते रहे, ताकि पुलिस इनका पीछा न कर सके, लेकिन पुलिस की दो टीमें इनके पीछे लगातार लगी रही और इन लोगों की तलाश करती रही। यह लोग अपने में हिस्से में आई जूलरी को बेचकर बुलंदशहर के लिए जा रहे थे लेकिन पुलिस टीम इनके पीछे लगी हुई थी और मुखबिर ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।