डीजे जेनसेट से महंगी डिवाइस चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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Noida: थाना सेक्टर 126 और थाना सेक्टर 39 पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इंडस्ट्री और मकानों के बाहर लगे डीजे जेनसेट से महंगी डिवाइस चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की 13 पीएसओ (पार्टिकल झुंड अनुकूलन) डिवाइस सहित अन्य सामान भी बरामद किया गया है। पूछताछ करने पर आरोपियों ने अब तक 100 से अधिक वारदातों को करना स्वीकार किया है।
नोएडा जोन डीसीपी हरीश चन्दर ने बताया कि थाना सेक्टर 126 और 39 पुलिस टीम ने वीरवार को जेपी कट सेक्टर 132 से स्विफ्ट डिजायर कार सवार मनीष उर्फ वाहिद, हरीश, दीपक, जाकिर, बिलाल, संजय कुमार व सच्चिदानंद गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में संजय और सच्चिदानंद गुप्ता दिल्ली में रहते हैं। बाकी आरोपी नोएडा-ग्रेटर नोएडा के अगल-अलग इलाकों में रहते हैं। इनके पास से डीजे जेनसेट की 13 डिवाइस बरामद की हैं। जिसकी बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपए है। इसके अलावा 2 पावर काम्बो बेस कार्ड, 1 काला बैग जिसमें आयरन की सरिया, पाना , प्लास , चाबी, पेचकस, टेस्टिंग हारनस, 2 अवैध तमंचे और एक कार बरामद की गई है। पकड़े गए आरोपियों ने थाना सेक्टर 126 क्षेत्र के अलावा थाना बिसरख, फेस वन, नॉलेज पार्क, सूरजपुर, थाना सेक्टर-49, थाना सेक्टर-58 में बड़े-बड़े जेनसेट से डिवाइस चोरी करने की घटनाओं को अंजाम दिया है। पकड़े गए आरोपी दिन में रैकी करते थे और जिन कंपनियों में बड़े-बड़े जेनसेट लगे होते हैं उनको चिन्हित कर रात के समय चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी चोरी की गई डिवाइस को मोरी गेट दिल्ली के बाजार में बेचते थे। पकड़े गए आरोपियों ने ने बताया कि जेनसेट से चोरी की गई डिवाइस की बाजार में उन्हें अच्छी कीमत मिलती थी। इसलिए वह केवल डिवाइस को ही निशाना बनाते थे। महज कुछ मिनटों में ही डिवाइस को जेनसेट से खोलकर वह रफूचक्कर हो जाते थे। पकड़े गए चोरों ने अलग-अलग स्थानों से जेनसेट से डिवाइस चोरी करने की दर्जनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
दिन में करते थे रेकी और रात को चोरी: आरोपी दिन में रैकी करते थे और रात में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस से बचने के लिए गिरोह के सदस्य रात में अधिकतर कैब में चलते थे। कैब चालक को भी इनके गोरखधंधे की पूरी जानकारी थी और वह भी प्रति चोरी की घटना में इनसे किराए के रूप में 10 हजार रुपए वसूलता था।