सरस मेले में श्री अन्न महोत्सव का हुआ उद्घाटन

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Noida: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा नोएडा हाट में चल रहे सरस आजीविका मेले में 01 मार्च से 05 मार्च तक ईटरनेशनल मिल्ट्स ईयर के अवसर पर श्री अन्न महोत्सव मनाया जाएगा। बुधवार को श्री अन्न महोत्सव का उद्घाटन किया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अपर सचिव चरणजीत सिंह ने श्री अन्न महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर राघवेंद्र प्रताप सिंह, निदेशक, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के उप निदेशक रमन वाधवा, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान के असिस्टेंट डायरेक्टर चिरंजीलाल कटारिया, सुधीर कुमार सिंह तथा सुरेश प्रसाद समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यहां महिला समूहों के द्वारा 20 प्रकार के लाइव व्यंजन बनाए गए। जिनका लोगों ने स्वाद चखा और व्यंजनों को सराहा। भारत में यह उत्सव पहली बार मनाया जा रहा है।। उत्सव का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में मिल्ट्स (मोटा अनाज) के प्रोडेक्ट्स को इस्तेमाल करने की जागरुकता है। साथ ही मंत्रालय द्वारा मोटा अनाज के उत्पादों से जुड़ी महिलाओं को उचित मार्केट उपलब्ध कराना भी इसका अहम उददेश्य है। एनआईआरडीपीआर के अस्टिेंट डायरेक्टर चिरंजी लाल कटारिया ने बताया कि भारत के 09 राज्यों से 40 एसएचजी महिलाओं का समूह 01 मार्च से 05 मार्च तक अन्न श्री महोत्सव में हिस्सा लेगा।
वहीं, सरस मेले के 13वें दिन बुधवार को लोगों ने यहां जमकर खरीदारी की। असम, बिहार, उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के हैंडीक्राफ्ट तथा हैंडलूम के उत्पादों की यहां महिलाओं ने खरीदारी की।
नोएडा हाट में आयोजित सरस मेले में मौजूद क़रीब 27 राज्यों के 300 से अधिक महिला शिल्प कलाकार, जो परंपरा, हस्तकला एवं ग्रामीण संस्कृति तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रतिदिन आयोजन किया जा रहा है। सरस मेलों के माध्यम से लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। मेले में बच्चों के खेलकूद व मनोरंजन के लिए भी संसाधन मौजूद हैं। मेले में दिल्ली-नोएडा सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लाखों दर्शक व ग्राहक भाग ले रहे हैं। दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं।
इंडिया फूड कोर्ट सरस आजीविका मेले में इस बार महत्त्वपूर्ण इंडिया फ़ूड कोर्ट में देश भर के 20 राज्यों की 80 (उद्धमी) गृहणियों के समूह ने अपने प्रदेश के प्रसिद्ध क्षेत्रीय व्यंजनों के स्टाल लगाए हैं, जिसमें हर प्रदेश के क्षेत्रीय व्यंजनों के स्वाद का अनोखा आनंद प्राप्त हो रहा है। सरस आजीविका मेला 2023 में कुछ उत्कृष्ट प्रदर्शन हैं, जो हैंडलूम, साड़ी और ड्रेस मेटिरियल में विभिन्न राज्यों से हैं वो इस प्रकार हैं- टसर की साड़ियां, बाघ प्रिंट, गुजरात की पटोला साड़ियां, काथा की साड़ियां, राजस्थानी प्रिंट, चंदेरी साड़ियां। हिमाचल उत्तराखंड के ऊनी उत्पाद व हैंडलूम के विभिन्न उत्पाद, झारखंड के पलाश उत्पाद व प्राकृतिक खाद्य सहित मेले में पूरे भारत की ग्रामीण संस्कृति के विविधता भरे उत्पाद प्रदर्शित होंगे। इसके साथ ही हैंडीक्राफ्ट, ज्वैलरी और होम डेकोर के प्रोडक्ट्स के रूप में आंध्र प्रदेश की पर्ल ज्वैलरी, वूडन उत्पाद, आसाम का वाटर हायजिनिथ हैंड बैग और योगामैट, बिहार से लाहकी चूड़ी, मधुबनी पेंटिंग और सिक्की क्राफ्ट्स, छत्तीसगढ़ से बेलमेटल प्रोडक्ट्स, मडमिरर वर्क और डोरी वर्क गुजरात से, हरियाणा, का टेरा कोटा, झारखंड की ट्राइबल ज्वैलरी, कर्नाटक का चन्ननपटना खिलौना, सबाईग्रास प्रोडक्टस, पटचित्र आनपाल्मलीव ओडिशा, तेलंगाना से लेदर बैग, वाल हैंगिंग और लैंप सेड्स, उत्तर प्रदेश से होम डेकोर, और पश्चिम बंगाल से डोकरा क्राप्ट, सितल पट्टी और डायवर्सीफाइड प्रोडक्ट्स भी उपलब्ध हैं। साथ ही प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी फूड स्टाल पर मौजूद हैं। प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के रूप्ा में अदरक, चाय, दाल कॉफी, पापड़, एपल जैम और अचार आदि उपलब्ध रहेंगे। साथ ही मेले में बच्चों के मनोरंजन का भी पुख्ता इंतजाम किया गया है। सरस मेलों के माध्यम से ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं न केवल आजीविका के अवसर सृजन कर रही हैं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहतरीन उदाहरण देश के सामने पेश कर रही हैं। यह निश्चित रूप से आजीविका यात्रा में एक मील का पत्थर है। वहीं, मेले मै सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं।